मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस सुनील बालकृष्ण शुक्रे ने महाराष्ट्र लोकायुक्त संस्था के नए अध्यक्ष पद की शपथ ग्रहण की। मुंबई स्थित लोक भवन (राजभवन) में आयोजित एक संक्षिप्त शपथ ग्रहण समारोह में महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। नए महाराष्ट्र लोकायुक्त अधिनियम, 2023 की धारा 6 के तहत नियुक्त होने वाले वह पहले अध्यक्ष बन गए हैं।

कार्यकाल और सेवा की शर्तें

जस्टिस शुक्रे की नियुक्ति 5 वर्ष की अवधि या 70 वर्ष की आयु पूरी होने तक (जो भी पहले हो) के लिए की गई है। लोकायुक्त राज्य में प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों के निवारण के लिए एक प्रमुख वैधानिक संस्था है।

समारोह में प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

शपथ ग्रहण समारोह में राज्य के कई प्रमुख नेता और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे:

  • मुख्यमंत्री: देवेंद्र फडणवीस
  • उपमुख्यमंत्री: एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार
  • विधानसभा अध्यक्ष: एड. राहुल नार्वेकर
  • अन्य प्रमुख गणमान्य: विधायक भास्कर जाधव, निवर्तमान लोकायुक्त जस्टिस (सेवानिवृत्त) विद्यासागर कानडे, गोवा के लोकायुक्त जस्टिस संदीप शिंदे, राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त राहुल पांडे, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल और राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवरे।

जस्टिस सुनील शुक्रे का शैक्षणिक व न्यायिक करियर

जस्टिस शुक्रे का न्यायिक और प्रशासनिक करियर बेहद समृद्ध रहा है:

  • शिक्षा व शुरुआती करियर: उन्होंने 1980 में पुणे विश्वविद्यालय से स्नातक किया और 1983 में तत्कालीन नागपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध डॉ. पंजाबराव देशमुख लॉ कॉलेज, अमरावती से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने एलएलबी परीक्षा में मेरिट सूची में दूसरा स्थान हासिल किया और हिंदू कानून में सर्वोच्च अंक पाने के लिए 'स्वर्गीय काले मेमोरियल पुरस्कार' जीता। बाद में उन्होंने नागपुर विश्वविद्यालय से संवैधानिक कानून में एलएलएम किया।
  • वकालत और खेल: उन्होंने अपनी वकालत की शुरुआत अमरावती से की। खेलों में गहरी रुचि रखने वाले जस्टिस शुक्रे ने लॉन टेनिस और बैडमिंटन की अंतर-कॉलेजिएट प्रतियोगिताओं में एम.जे. कॉलेज, जलगांव का प्रतिनिधित्व भी किया था।
  • न्यायिक सेवा: वह वर्ष 2000 में बार से सीधे जिला न्यायाधीश के रूप में न्यायपालिका में शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने कोल्हापुर और नागपुर के प्रमुख जिला न्यायाधीश, बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच के रजिस्ट्रार (प्रशासन) और महाराष्ट्र न्यायिक अकादमी, उत्तन (ठाणे) के संयुक्त निदेशक के रूप में कार्य किया।
  • उच्च न्यायालय में पदोन्नति: 17 मार्च 2011 को उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल का पदभार संभाला और 13 मई 2013 को बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत हुए।