बेंगलुरु / नई दिल्ली: कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) द्वारा आयोजित पशु चिकित्सा अधिकारी (Veterinary Officers) भर्ती परीक्षा में कथित बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी और रिश्वतखोरी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 17 के तहत केंद्रीय जांच एजेंसी ने कर्नाटक और गुजरात के कुल 21 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। जांच के दायरे में KPSC के निलंबित अध्यक्ष, आयोग के सदस्य, ओएमआर शीट मूल्यांकन करने वाली निजी एजेंसी और दलाल शामिल हैं। देश में भर्ती घोटालों और प्रशासनिक जांच की खबरों के लिए हमारे पोर्टल पर जुड़े रहें।
21 ठिकानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन
ईडी के बेंगलुरु जोनल कार्यालय द्वारा स्थानीय पुलिस के समन्वय से यह तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। जांच टीमें कर्नाटक के बेंगलुरु, हासन, चित्रदुर्ग, दावणगेरे, रायचूर, कारवार, कलबुर्गी और बेलगावी के अलावा गुजरात के अहमदाबाद में छापे मार रही हैं। छापेमारी की जद में निलंबित KPSC अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस. साहूकार, आयोग की सदस्य शांता होसमनी, चयनित उम्मीदवार और परीक्षा की डिजिटल उत्तर पुस्तिकाओं (OMR Sheets) का मूल्यांकन करने वाली एजेंसी 'एडूटेस्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड' (Edutest Solutions Pvt Ltd) के दफ्तर शामिल हैं।
प्रति उम्मीदवार ₹70 से ₹80 लाख घूस की मांग
इस मामले की जांच बेंगलुरु के विधान सौधा पुलिस स्टेशन में दर्ज 4 एफआईआर (FIRs) के आधार पर शुरू की गई है। प्राथमिक शिकायतों के अनुसार, बिचौलियों ने अंतिम चयन पक्का कराने के बदले उम्मीदवारों से ₹70 लाख से ₹80 लाख प्रति पोस्ट की भारी-भरकम घूस मांगी थी। शिकायतकर्ता अभ्यर्थियों ने जांच एजेंसियों को बिचौलियों के साथ हुई बातचीत के ऑडियो टेप भी सौंपे हैं, जिसकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
OMR शीट में हेरफेर और एजेंसी की भूमिका की पड़ताल
जांच एजेंसी केवल घूसखोरी ही नहीं, बल्कि प्रश्नपत्र लीक, ओएमआर शीट में हेरफेर और वरिष्ठ अधिकारियों के रिश्तेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोपों की भी पड़ताल कर रही है। अहमदाबाद स्थित एडूटेस्ट सॉल्यूशंस एजेंसी के डेटा सर्वर, डिजिटल इवैल्यूएशन लॉग्स और हार्ड डिस्क को जब्त कर लिया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या डिजिटल मूल्यांकन के दौरान अंकों में बदलाव किया गया था।
पेपर लीक विरोधी सख्त कानूनों के तहत घेराबंदी
हाल के दिनों में महाराष्ट्र, झारखंड और राजस्थान के बाद अब कर्नाटक में राज्य सेवा आयोगों की परीक्षाओं में अनियमितताओं पर केंद्रीय एजेंसियों का शिकंजा कसा है। केंद्र और राज्यों के नए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम के तहत परीक्षा माफिया, आउटसोर्सिंग कंपनियों और भ्रष्ट अधिकारियों की संपत्तियों को कुर्क करने और मनी ट्रेल उजागर करने के लिए वित्तीय जांच को तेज कर दिया गया है।
Comments (0)
Leave a Comment
No comments yet. Be the first to comment!